राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में पता चला कि मोनालिसा पारधी जनजाति से संबंध रखती है और उसकी वास्तविक उम्र दस्तावेजों में दर्शाई गई उम्र से कम है। जांच में यह भी सामने आया कि शादी के दौरान उम्र से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई थी।
बताया जा रहा है कि केरल के एक मंदिर में हुई इस शादी का पंजीकरण कथित तौर पर गलत आधार विवरण के आधार पर कराया गया। बाद में मध्य प्रदेश के महेश्वर स्थित सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच में खुलासा हुआ कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। इस आधार पर शादी के समय उसकी उम्र करीब 16 वर्ष थी।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद सामाजिक और कानूनी स्तर पर बाल विवाह को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

