राहुल गांधी ने हाल ही में गुजरात के दलित और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और ऊना कांड के पीड़ितों से मुलाकात की थी। इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि यह मुलाकात बहुत दुख देने वाली थी।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 11 जुलाई 2016 का है। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना कस्बे के पास मोटा समधियाला गांव में कुछ दलित युवक मरे हुए मवेशी की खाल उतार रहे थे। इसी दौरान खुद को गोरक्षक कहने वाले कुछ लोगों ने उन युवकों को सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा था। बाद में पुलिस ने भी उनके साथ मारपीट की थी। इस घटना ने उस वक्त पूरे देश को हिला कर रख दिया था।
राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल:
- 10 साल बाद भी इंसाफ नहीं: राहुल गांधी ने कहा कि इस दर्दनाक घटना को लगभग 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला है।
- गुजरात का माहौल डरावना: उन्होंने कहा कि आज गुजरात में हालात सुधरने के बजाय और खराब हो गए हैं। दलितों की आवाज को धमकियों और हिंसा के दम पर दबाया जा रहा है।
- पूरे देश पर थोपा जा रहा है गुजरात मॉडल: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासित गुजरात में अपमान और हिंसा ही दलितों की हकीकत बन गई है। अब इसी अन्यायपूर्ण मॉडल को पूरे देश पर थोपने की कोशिश की जा रही है।
अंत में कांग्रेस नेता ने संकल्प लेते हुए कहा कि वह पहले भी इन पीड़ित परिवारों के साथ खड़े थे और आगे भी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वह उनके हक की आवाज उठाते रहेंगे।

