दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दबोचा

The Bharat Day


नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली बॉर्डर से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक संदिग्ध ऑपरेटिव शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, शब्बीर भारत विरोधी गतिविधियों और स्लीपर सेल नेटवर्क को मजबूत करने में जुटा हुआ था। इस गिरफ्तारी के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी को दहलाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।


​मुख्य बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है

  • आईएसआई कनेक्शन: पकड़े गए मॉड्यूल को कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ऑपरेट कर रही थी।
  • मेट्रो पोस्टर कांड से जुड़ा सुराग: फरवरी 2026 में दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट और जनपथ मेट्रो स्टेशनों पर लगे देश विरोधी पोस्टरों की जांच के बाद पुलिस शब्बीर तक पहुंची।
  • पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड: आरोपी शब्बीर को इससे पहले साल 2007 में हथियारों और विस्फोटकों के साथ दबोचा गया था, लेकिन जेल से छूटने के बाद वह विदेश भाग गया था।
  • मल्टी-स्टेट मॉड्यूल: पुलिस इस मामले में पहले ही पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से कई अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है।

दिल्ली मेट्रो पोस्टर मामले से खुला राज

यह हाई-प्रोफाइल जांच 8 फरवरी, 2026 को तब शुरू हुई जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सुप्रीम कोर्ट और जनपथ मेट्रो स्टेशन पर भारत विरोधी भड़काऊ पोस्टर देखे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम (DPDP Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। स्पेशल सेल ने ग्राउंड इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से इस पूरे जाल को डिकोड किया।


​संवेदनशील ठिकानों की रेकी और वीडियो बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। वहां से फर्जी पहचान पत्रों के सहारे रह रहे कई बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस को मोबाइल फोन, फर्जी बैंक कार्ड और पाकिस्तान समर्थक सामग्री के अलावा लाल किला और कई अन्य धार्मिक स्थलों की रेकी (टोही) वाले वीडियो मिले थे।


​मास्टरमाइंड शब्बीर लोन की भूमिका

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन इस पूरे मॉड्यूल का मुख्य हैंडलर था। वह पहले विदेश में बैठकर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, पोस्टर लगाने के लिए फंड देने और अवैध प्रवासियों को भर्ती करने का काम कर रहा था।

​इतना ही नहीं, यह नेटवर्क कश्मीर घाटी में भी एक्टिव था, जहां जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIK) ने श्रीनगर, शोपियां और गांदरबल में छापेमारी कर कई डिजिटल उपकरण और सिम कार्ड बरामद किए थे।


सुरक्षा एजेंसियों का बयान: "लगभग 7 साल बाद शब्बीर लोन की यह गिरफ्तारी आतंकवाद के खिलाफ हमारी एक बहुत बड़ी सफलता है। इससे देश में सक्रिय लश्कर के स्लीपर सेल नेटवर्क को भारी झटका लगा है और आगे की पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।"

 

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