बाजार का ताजा हाल
आज सुबह ट्रेडिंग शुरू होते ही BSE Sensex में 2,400 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह 77,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। वहीं, NSE Nifty भी करीब 700 अंक टूटकर 24,000 के नीचे कारोबार करता दिखा। इस बड़ी गिरावट के कारण महज कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करीब 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई।
क्यों मची बाजार में चीख-पुकार? (गिरावट के 3 बड़े कारण)
- ईरान-अमेरिका युद्ध का साया: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंचने से वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान और अमेरिका के बीच सीधे टकराव की आशंका ने विदेशी निवेशकों (FIIs) को डरा दिया है, जिसके चलते वे भारतीय बाजार से तेजी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
- कच्चे तेल में 'आग': युद्ध की वजह से सप्लाई चेन बाधित होने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें $114 प्रति बैरल के पार चली गई हैं। भारत के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि हम अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करते हैं।
- रुपये का ऐतिहासिक पतन: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज अपने अब तक के सबसे निचले स्तर ₹92.34 पर पहुंच गया। कमजोर रुपये ने घरेलू बाजार की धारणा को और भी कमजोर कर दिया है।
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट
बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल है। HDFC Bank, ICICI Bank, SBI, और Reliance Industries जैसे दिग्गज शेयरों में 3% से 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जियो-पॉलिटिकल (Geopolitical) हालात स्थिर नहीं होते, तब तक बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल बड़े निवेश से बचने और बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।

