NEET पेपर लीक मामले में CBI को मिली बड़ी कामयाबी: मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार

The Bharat Day


NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। CBI ने इस पूरे रैकेट के मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) की पहचान कर ली है, जिसकी पहचान एक केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) के रूप में हुई है। जांच एजेंसी ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी?

​मिली जानकारी के अनुसार, पीवी कुलकर्णी एक प्रतिष्ठित संस्थान में केमिस्ट्री का लेक्चरर है। शिक्षा जगत से जुड़े होने के कारण उसे परीक्षा प्रणाली और उसकी कमियों की गहरी समझ थी। CBI का मानना है कि कुलकर्णी ने अपनी इसी पृष्ठभूमि का फायदा उठाकर पेपर लीक की पूरी साजिश रची और इसे अंजाम दिया।

CBI जांच में हुए बड़े खुलासे

​सूत्रों के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी सिर्फ एक मोहरा नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क का 'मास्टरमाइंड' है। जांच में सामने आई मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • पेपर एक्सेस और डिस्ट्रीब्यूशन: कुलकर्णी पर आरोप है कि उसने अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल कर परीक्षा से पहले ही पेपर तक पहुंच बनाई।
  • सॉल्वर गैंग से कनेक्शन: उसने न सिर्फ पेपर लीक किया, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय सॉल्वर गैंग और बिचौलियों तक इसे पहुंचाया।
  • मोटा मुनाफा: लीक पेपर को चुनिंदा उम्मीदवारों को मोटी रकम के बदले बेचा गया था। इस रैकेट के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका है।

NTA और परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

​इस गिरफ्तारी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। एक लेक्चरर स्तर के व्यक्ति का इतनी सुरक्षित परीक्षा के पेपर तक पहुंच जाना, सिस्टम की बड़ी खामी को दर्शाता है।

आगे की कार्रवाई: CBI अब पीवी कुलकर्णी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में NTA के अंदर का कोई अधिकारी शामिल था या नहीं, और लीक किया गया पेपर किन-किन राज्यों में भेजा गया था। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 



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