इस निर्णय के बाद, दिल्ली में रहने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब उसी तर्ज पर मुफ्त बस सेवा का लाभ उठा सकेंगे, जैसे महिला यात्रियों को पहले से ही यह सुविधा दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच और गरिमा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को ठीक उसी पैटर्न और कार्यप्रणाली के आधार पर लागू किया जाएगा, जो वर्तमान में महिलाओं के लिए उपलब्ध है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक समावेशी और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक को समान अवसर मिल सकें।
यह पहल सामाजिक न्याय को मजबूत करने और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आर्थिक बाधाओं को दूर कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

