जांच में सामने आया है कि यह रैकेट कई शहरों में सक्रिय था और गरीब व जरूरतमंद लोगों को बहला-फुसलाकर या दबाव डालकर उनकी किडनी निकलवाई जाती थी। इसके बाद मरीजों से भारी रकम लेकर अवैध तरीके से ट्रांसप्लांट किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में पहले भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन मुख्य भूमिका निभाने वाले डॉक्टर अभी तक पकड़ से बाहर हैं। इसी को देखते हुए उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे विदेश भागने में सफल न हो सकें।
फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

