नई दिल्ली, 3 मार्च 2026।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को पश्चिम एशिया के प्रमुख देशों के शीर्ष नेतृत्व से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने Saudi Arabia और Bahrain के नेतृत्व से बातचीत कर क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत ने स्पष्ट किया कि वह पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद के पक्ष में है तथा सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता है।
ऊर्जा और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दा
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता, रणनीतिक साझेदारी और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग पर विशेष जोर दिया। दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार और निवेश को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसी संदर्भ में यह कूटनीतिक पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर फोकस
बातचीत के दौरान खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण का मुद्दा भी प्रमुख रहा। प्रधानमंत्री ने वहां कार्यरत भारतीय समुदाय के हितों की रक्षा को भारत सरकार की प्राथमिकता बताया।
भारत की संतुलित कूटनीति
विश्लेषकों के अनुसार भारत ने पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम एशिया के सभी प्रमुख देशों के साथ संतुलित और मजबूत संबंध बनाए हैं। मौजूदा हालात में यह रणनीति भारत को एक भरोसेमंद साझेदार और संवाद के समर्थक देश के रूप में स्थापित करती है
आगे की राह
विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क जारी रहेंगे। आने वाले समय में व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश के क्षेत्र में नई पहल की संभावना जताई जा रही है।

