नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर व्हाट्सएप और फेसबुक पर 'देशव्यापी लॉकडाउन' की खबरें तेज़ी से वायरल हो रही हैं। इन खबरों ने आम जनता के बीच भारी असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। आज केंद्र सरकार ने इन अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
सरकार ने खबरों को बताया 'पूरी तरह फर्जी'
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने की खबरें पूरी तरह से निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, "सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जनता को इन अफवाहों से डरने की जरूरत नहीं है। कुछ शरारती तत्व पुराने वीडियो और एडिटेड क्लिप्स के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।"
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे भ्रामक कंटेंट को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटाएं। साथ ही, पुलिस और साइबर सेल को उन अकाउंट्स और ग्रुप एडमिन्स को ट्रैक करने के निर्देश दिए गए हैं जो जानबूझकर पैनिक (Panic) पैदा कर रहे हैं।
पैनिक बाइंग (Panic Buying) से बचें
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन की अफवाहों के कारण कई इलाकों में लोग राशन और जरूरी सामान का स्टॉक करने लगे थे, जिससे कीमतों पर असर पड़ने की संभावना बन गई थी। सरकार ने अपील की है कि नागरिक केवल आधिकारिक स्रोतों और प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों की जानकारी पर ही भरोसा करें।

