नई दिल्ली: देशभर में बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए Delhi Police ने एक सप्ताह तक चले विशेष अभियान में साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान 10 राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई और कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को लगातार ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं और बैंकिंग धोखाधड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पता चला कि एक संगठित गिरोह अलग-अलग राज्यों से काम कर रहा है। इसके बाद विशेष टीम बनाकर कई शहरों में एक साथ कार्रवाई की गई।
किस तरह करते थे ठगी?
जांच में सामने आया कि आरोपी कई तरीकों से लोगों को निशाना बनाते थे।
वे फर्जी निवेश वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाकर लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देते थे।
खुद को बैंक अधिकारी या सरकारी एजेंट बताकर कॉल करते थे।
KYC अपडेट के नाम पर बैंक की गोपनीय जानकारी लेते थे।
OTP और कार्ड डिटेल हासिल कर खातों से पैसे निकाल लेते थे।
सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भी लोगों को ठगते थे।
क्या-क्या बरामद हुआ?
छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज और नकदी बरामद की गई। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।
आगे की कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पीड़ितों की संख्या का पता लगाने में जुटी है।
जनता के लिए अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या निवेश योजना पर तुरंत भरोसा न करें। बैंक संबंधी जानकारी, OTP या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाई जा सके।
