जानकारी के अनुसार, प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष अग्रहरि के साथ 2 मई को केदारनाथ दर्शन के लिए गई थीं। दोनों 5 मई की रात देहरादून से गाजियाबाद लौट रहे थे और नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। बताया जा रहा है कि हरिद्वार तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन इसके बाद मनीष की आंख लग गई। जब उनकी नींद खुली तो प्रज्ञा अपनी सीट पर मौजूद नहीं थीं।
पति ने पहले ट्रेन के सभी कोच और वॉशरूम में तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। प्रज्ञा का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। इसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई और कई दिनों तक तलाश अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ी परेशानी रेलवे स्टेशनों के बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों के कारण हुई। कई स्टेशनों की फुटेज उपलब्ध नहीं होने से यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि प्रज्ञा ट्रेन से कहां उतरीं या उन्हें किसी ने उतारा।
करीब छह दिन की तलाश के बाद पुलिस ने प्रज्ञा सिंह को बिहार के बेगूसराय से सकुशल बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह अपनी मर्जी से गई थीं या इसके पीछे कोई दबाव या साजिश थी।
बताया जा रहा है कि प्रज्ञा और मनीष ने इसी साल फरवरी में प्रेम विवाह किया था और दोनों नोएडा में रह रहे थे। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकती है।

