अचानक बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें हाल ही में मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया था। बुधवार सुबह घर पर अचानक उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अखिलेश यादव पहुंचे अस्पताल
भाई के निधन की सूचना मिलते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर तुरंत पोस्टमार्टम हाउस और अस्पताल पहुंचे। अखिलेश यादव ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतीक अपनी फिटनेस को लेकर हमेशा बहुत सजग रहते थे, ऐसे में उनका अचानक चले जाना परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
राजनीति से दूर, बिजनेस में थे सक्रिय
अखिलेश यादव के सौतेले भाई होने के बावजूद प्रतीक यादव ने खुद को हमेशा सक्रिय राजनीति से दूर रखा।
- बिजनेस: वह मुख्य रूप से रियल एस्टेट सेक्टर और फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े थे। लखनऊ में उनका अपना जिम और अन्य बड़े व्यवसाय थे।
- परिवार: प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव हैं, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता हैं।
सियासी जगत में शोक
प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से यादव परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
फिलहाल, उनकी मृत्यु के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पैतृक गांव सैफई में होने की संभावना है, जिसके बारे में परिवार जल्द ही आधिकारिक जानकारी साझा करेगा।

