बिजनेस डेस्क:अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर बने दबाव को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से भारत में 40 से 75 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश आकर्षित हो सकता है, जिससे रुपये को मजबूती मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
हाल के दिनों में रुपये में लगातार कमजोरी देखने को मिली थी और बाजार में यह आशंका जताई जा रही थी कि डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के स्तर तक पहुंच सकता है। इसी बीच RBI ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और विदेशी मुद्रा प्रवाह मजबूत करने के उद्देश्य से चार अहम फैसले किए हैं।
RBI के 4 प्रमुख कदम:
सरकारी बॉन्ड में निवेश को आसान बनाया गया
RBI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत 15, 30 और 40 वर्ष की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड को शामिल किया है, जिससे विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
विदेशी मुद्रा जमा पर विशेष सुविधा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से विदेशी निवेश बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी और रुपये पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर की मजबूती आगे भी रुपये की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

